

द्वाराहाट, 1 अक्टूबर। पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेतृत्व में गुरुवार को द्वाराहाट मुख्य चौराहे पर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर पेंशनविहीन शिक्षक-कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान एनपीएस एवं यूपीएस के शासनादेशों की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पेंशनविहीन शिक्षक एवं कर्मचारी एकत्रित हुए। वक्ताओं ने कहा कि जब तक कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन केवल सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
वक्ताओं ने “एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे, सबको समान रूप से पुरानी पेंशन मिलनी चाहिए” का संदेश देते हुए कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था सुरक्षित बुढ़ापे की गारंटी के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा का आधार है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में भी सभी पेंशनविहीन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार पुरानी पेंशन बहाल नहीं करती है तो ‘वोट फॉर ओपीएस (OPS)’ अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो सरकार पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में ठोस कदम उठाएगी, उसे शिक्षक-कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त होगा। वक्ताओं ने “जो पेंशन की बात करेगा, वही देश में राज करेगा” जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांग को मुखर किया।
इस अवसर पर सभी शिक्षक-कर्मचारियों ने एनपीएस एवं यूपीएस की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनीष पाण्डे ने की तथा संचालन नंदाबल्लभ मैनाली ने किया। कार्यक्रम में एनएमओपीएस कुमाऊं मंडल के संगठन मंत्री गिरीश मठपाल, संजय प्रसाद जोशी, भावना हरबोला, मीना चौधरी, दीपा जोशी, उमेश पंत, मनोज कैडा, ललित भाकुनी, मनमोहन अधिकारी, प्रमोद कुमार, प्रकाश रौतेला, विपिन चंद्र, खजान खाती, राजेंद्र कुमार सहित तमाम शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।










